Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!
Ad Clicks : Ad Views : Ad Clicks : Ad Views : Ad Clicks : Ad Views : Ad Clicks : Ad Views : Ad Clicks : Ad Views : Ad Clicks : Ad Views : Ad Clicks : Ad Views : Ad Clicks : Ad Views : Ad Clicks : Ad Views : Ad Clicks : Ad Views :
Home / Hindu Mantras / Ashtaka / Shri Shabarigirish Ashtakam Lyrics in Hindi

Shri Shabarigirish Ashtakam Lyrics in Hindi

58 Views

Sri Shabari Girisha Ashtakam in Hindi:

॥ श्रीशबरिगिरीशाष्टकम् ॥

यजन सुपूजित योगिवरार्चित यादुविनाशक योगतनो
यतिवर कल्पित यन्त्रकृतासन यक्षवरार्पित पुष्पतनो
यमनियमासन योगिहृदासन पाप निवारण कालतनो
जय जय हे शबरीगिरि मन्दिर सुन्दर पालय मामनिशं ॥ १ ॥

मकर महोत्सव मङ्गलदायक भूतगणावृत देवतनो
मधुरिपु मन्मथ मारकमानित दीक्षितमानस मान्यतनो
मदगज सेवित मञ्जुल नादक वाद्य सुघोषित मोदतनो
जय जय हे शबरीगिरि मन्दिर सुन्दर पालय मामनिशं ॥ २ ॥

जय जय हे शबरीगिरि नायक साधय चिन्तितमिष्टतनो
कलिवरदोत्तम कोमल कुन्तल कञ्जसुमावलिकान्त तनो
कलिवरसंस्थित कालभयार्दित भक्तजनावनतुष्टमते
जय जय हे शबरीगिरि मन्दिर सुन्दर पालय मामनिशं ॥ ३ ॥

निशिसुर पूजन मङ्गलवादन माल्यविभूषण मोदमते
सुरयुवतीकृत वन्दन नर्तन नन्दित मानस मञ्जुतनो
कलिमनुजाद्भुत कल्पित कोमल नाम सुकीर्तन मोदतनो
जय जय हे शबरीगिरि मन्दिर सुन्दर पालय मामनिशं ॥ ४ ॥

अपरिमिताद्भुत लील जगत्परिपाल निजालय चारुतनो
कलिजनपालन सङ्कटवारण पापजनावनलब्धतनो
प्रतिदिवसागत देववरार्चित साधुमुखागत कीर्तितनो
जय जय हे शबरीगिरि मन्दिर सुन्दर पालय मामनिशं ॥ ५ ॥

कलिमल कालन कञ्जविलोचन कुन्दसुमानन कान्ततनो
बहुजनमानस कामसुपूरण नामजपोत्तम मन्त्रतनो
निजगिरिदर्शन यातुजनार्पित पुत्रधनादिक धर्मतनो
जय जय हे शबरीगिरि मन्दिर सुन्दर पालय मामनिशं ॥ ६ ॥

शतमुखपालक शान्तिविदायक शत्रुविनाशक शुद्धतनो
तरुनिकरालय दीनकृपालय तापसमानस दीप्ततनो
हरिहरसंभव पद्मसमुद्भव वासव शम्बव सेव्यतनो
जय जय हे शबरीगिरि मन्दिर सुन्दर पालय मामनिशं ॥ ७ ॥

ममकुलदैवत मत्पितृपूजित माधव लालित मञ्जुमते
मुनिजनसंस्तुत मुक्तिविदायक शङ्कर पालित शान्तमते
जगदभयङ्कर जन्मफलप्रद चन्दनचर्चित चन्द्ररुचे
जय जय हे शबरीगिरि मन्दिर सुन्दर पालय मामनिशं ॥ ८ ॥

अमलमनन्त पदान्वित राम सुदीक्षित सत्कविपद्यमिदं
शिव शबरीगिरि मन्दिर संस्थित तोषदमिष्टदं आर्तिहरं
पठति शृणोति च भक्तियुतो यदि भाग्यसमृद्धिमथो लभते
जय जय हे शबरीगिरि मन्दिर सुन्दर पालय मामनिशं ॥ ९ ॥

इति श्री शबरीगिरिशाष्टकं सम्पूर्णं ॥

  • Facebook
  • Twitter
  • Google+
  • Pinterest
 
Note: We will give astrological reading / solution for those who are longing for children and do not give predictions for Job, etc.

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *